15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आर-पार की लड़ाई, पटवारी संघ ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
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सामूहिक अवकाश लेकर सांकेतिक धरना दिया जिले के पटवारी, वेतनमान और वेतन विसंगति सहित लंबित मांगों के निराकरण की उठाई आवाज
महासमुंद। राजस्व पटवारी संघ, जिला महासमुंद ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करते हुए उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
राजस्व पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष कमलेश डहरे के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर महासमुंद जिले के सभी पटवारी 3 अगस्त को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर जिला मुख्यालय स्थित शासकीय कन्या शाला के सामने लोहिया चौक परिसर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।
संघ का कहना है कि लंबे समय से वेतनमान, वेतन विसंगति तथा अन्य लंबित मांगों के संबंध में शासन का ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से पटवारियों में गहरा असंतोष है। इसी के चलते प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत महासमुंद जिले के पटवारी भी सामूहिक रूप से आंदोलन में शामिल हुए।
संघ ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। इसके लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
जिला पटवारी संघ के इस आंदोलन में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य खम्हनलाल साहू, देवेन्द्र इंगोले, रामकुमार साहू, रामनारायण चंद्राकर, दमयंती पटेल, सीताराम पटेल, भंगीराम ध्रुव, दिनेश प्रधान, विंदू मारकंडेय, लक्ष्मन ध्रुव, नीरज वर्मा, चंद्रकांत बाघ, विनय पटेल, कुलदीप शर्मा, धनेश ध्रुव, नितेश श्रीवास्तव, रितु डड़सेना और कंचन ठाकुर सहित जिले के सभी पटवारी उपस्थित रहे।
