वुमेन फॉर ट्री योजना की महिलाओं को छह माह से नहीं मिला मानदेय, नपाध्यक्ष ने भुगतान के दिए निर्देश
700 पौधों की देखभाल कर रही महिला स्व-सहायता समूहों ने बताई आर्थिक परेशानी
सीएमओ को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
महासमुंद। नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित ‘वुमेन फॉर ट्री’ योजना के अंतर्गत कार्यरत महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को पिछले छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है। गुरुवार को योजना से जुड़ी महिलाओं ने नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू से मुलाकात कर अपनी समस्या बताते हुए कहा कि मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने बताया कि नगर पालिका द्वारा विगत वर्ष लगभग 700 पौधों के संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई थी। वे नियमित रूप से पौधों की देखरेख कर रही हैं, लेकिन पिछले छह माह से मानदेय लंबित होने के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने तत्काल मुख्य नगर पालिका अधिकारी सौरभ शर्मा को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत कार्यरत पात्र महिला स्व-सहायता समूहों के लंबित मानदेय का परीक्षण कर भुगतान निरस्त करने संबंधी किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा नियमानुसार सभी पात्र महिलाओं का लंबित भुगतान शीघ्र जारी किया जाए।
नपाध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि वुमेन फॉर ट्री योजना का उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। ऐसे में योजना से जुड़ी महिलाओं को समय पर मानदेय मिलना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि महिलाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सौरभ शर्मा ने आश्वासन दिया कि मामले का शीघ्र निराकरण करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर पात्र महिलाओं का लंबित मानदेय जल्द जारी किया जाएगा।
