मेडिकल वेस्ट निस्तारण में बड़ा आरोप: ठेकेदार पर अनुबंध उल्लंघन, एफआईआर और ब्लैकलिस्टिंग की उठी मांग
मणिकंचन केंद्र में नियम विरुद्ध बायो-मेडिकल वेस्ट डंप करने का आरोप, स्वास्थ्य विभाग से अनुबंध निरस्त करने और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग
महासमुंद। जिला चिकित्सालय सह संबद्ध शासकीय मेडिकल कॉलेज महासमुंद से निकलने वाले बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज साहू ने राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन एवं नगर पालिका सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर एसएमएस वाटर वेस्ट एजेंसी के संचालक एवं ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेडिकल कॉलेज से बायो-मेडिकल वेस्ट को अनुबंध के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से सिलतरा स्थित अधिकृत प्लांट में नष्ट किया जाना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार नगर पालिका परिषद महासमुंद के मणिकंचन केंद्र में मेडिकल वेस्ट डंप किया जा रहा है। इससे न केवल अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन हुआ है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले को लेकर समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद कथित तौर पर ठेकेदार ने नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों की आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए जबरन मेडिकल वेस्ट का डंपिंग कार्य जारी रखा। इसे जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए उन्होंने जिम्मेदार एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
पंकज साहू ने अपनी शिकायत में राज्य के स्वास्थ्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के संचालक, महासमुंद कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला चिकित्सालय अधीक्षक तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी से एसएमएस वाटर वेस्ट एजेंसी का अनुबंध तत्काल निरस्त करने, एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने तथा जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
शिकायत के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
