करोड़ों की चोरी के मामलों का खुलासा

अंतरराज्यीय गिरोह समेत 12 आरोपी गिरफ्तार
20 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद, कई जिलों में वारदातें कबूलीं
महासमुंद। महासमुंद पुलिस ने जिले में हुई तीन बड़ी चोरी और नकबजनी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से इन मामलों का खुलासा करते हुए आरोपियों के कब्जे से सोना-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल, डीवीआर सहित 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं, जबकि कुछ फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पहला मामला शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का है, जहां 18 मई 2026 की रात सूने मकान का ताला तोड़कर चोर सोना-चांदी के जेवर, नकदी, डीवीआर और सीसीटीवी उपकरण चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें संदिग्धों की गतिविधियां कैद हुईं। तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के डोला क्षेत्र में दबिश देकर अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के चार सदस्यों—मिथिलेश उर्फ पक्के, रोशन मरावी, पंकज सिंह मरावी और राजा सिंह धुर्वे—को गिरफ्तार किया। आरोपियों से चांदी के जेवर, पांच मोबाइल, दो मोटरसाइकिल, डीवीआर सहित 1 लाख 66 हजार 700 रुपये की संपत्ति बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने महासमुंद की दो चोरी की घटनाओं सहित कोरबा और अन्य जिलों में भी वारदात करना स्वीकार किया है। गिरोह के दो सदस्य सोहेल उर्फ क्रमश और विजय उर्फ बुक्का अभी फरार हैं।
दूसरा खुलासा तुमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम अघोली में चार माह पहले हुई लाखों रुपये की चोरी का हुआ। पुलिस ने गांव के ही राहुल उर्फ भंडारा साहू (25) को गिरफ्तार किया। आरोपी ने परिवार के विवाह समारोह में बाहर जाने का फायदा उठाकर ग्राइंडर से मुख्य गेट का ताला काटा, अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी पार कर दी थी। जांच के दौरान आरोपी की अचानक बदली जीवनशैली और खर्च करने के तरीके ने पुलिस का संदेह बढ़ाया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से 7 लाख 26 हजार 940 रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर, नकदी तथा चोरी में प्रयुक्त ग्राइंडर बरामद किया गया। आरोपी ने चोरी के जेवर अलग-अलग ज्वेलर्स को बेचने की बात भी स्वीकार की।
तीसरा मामला सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रेहटा में हुई चर्चित नकबजनी का है, जहां 22 जून की रात चोरों ने घर का लॉकर तोड़कर लगभग 95 लाख रुपये मूल्य के 30 तोला सोना, तीन किलो चांदी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर सात आरोपियों—आनंद पारधी, संजय पारधी, मनु पारधी, रघुनाथ पारधी, हेमलाल पारधी, सुरेंद्र पारधी और धनश्याम कंसले—को गिरफ्तार किया। चोरी के जेवर खरीदने वाले रायपुर निवासी अतुल पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से सोना, चांदी की पायल, तीन मोटरसाइकिल सहित 11 लाख 76 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने सक्ती जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र में भी चोरी की वारदात करना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार तीनों मामलों में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार कई आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी सहित अन्य आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। इन लगातार सफल कार्रवाइयों से जिले में हुई चर्चित चोरी की घटनाओं का खुलासा होने के साथ ही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

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