भारती की हत्या समेत तीन मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग लेकर एसपी से मिला सतनामी समाज का प्रतिनिधिमंडल
भारती टंडन हत्याकांड की दोबारा सूक्ष्म जांच, सपना बार मारपीट मामले में आरोपी की जमानत निरस्त कराने और बिरकोनी में जातिगत उत्पीड़न प्रकरण में कार्रवाई की उठाई मांग
महासमुंद। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार से मुलाकात कर जिले से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में पुलिस कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिजनों के साथ पहुंचकर निष्पक्ष जांच एवं त्वरित कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम झारा निवासी भारती टंडन हत्याकांड का मुद्दा उठाया। परिजनों ने पुलिस द्वारा केवल एक नाबालिग को आरोपी बनाए जाने पर गंभीर संदेह व्यक्त किया। उनका कहना है कि रात के अंधेरे में एक अकेले नाबालिग द्वारा हत्या करने, शव को दूर ले जाकर रेत में दफनाने तथा साक्ष्य मिटाने जैसी पूरी घटना को अंजाम देना संभव प्रतीत नहीं होता।
परिजनों ने यह भी बताया कि घटना की रात आरोपी नाबालिग के पिता ने स्वयं यह कहा था कि उसका पुत्र पेचिश से पीड़ित था और पूरी रात उनके साथ घर पर ही था। ऐसे में पुलिस जांच और परिजनों के समक्ष आए तथ्यों में विरोधाभास दिखाई देता है, जिससे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका और गहरा गई है। समाज ने पूरे प्रकरण की दोबारा सूक्ष्म एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
दूसरे मामले में प्रतिनिधिमंडल ने महासमुंद स्थित सपना बार में सतनामी समाज के युवक विवेक कुर्रे के साथ हुई मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज तथा समाज के आराध्य परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा पर कथित अभद्र टिप्पणी का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधियों ने कहा कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से समाज में व्यापक आक्रोश है।
समाज का आरोप है कि पुलिस ने गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज करने के बावजूद आरोपी हर्ष चंद्राकर की जमानत का प्रभावी विरोध नहीं किया, जिसके कारण उसे शीघ्र जमानत मिल गई। प्रतिनिधिमंडल ने आशंका जताई कि आरोपी द्वारा पीड़ित विवेक कुर्रे पर भविष्य में दबाव बनाया जा सकता है। इसलिए पुलिस से आरोपी की जमानत निरस्त कराने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
तीसरे मामले में ग्राम बिरकोनी निवासी रामुदास मांडे द्वारा 15 मई 2026 को सिटी कोतवाली में दिए गए आवेदन का उल्लेख किया गया। आवेदन में बिरकोनी के सरपंच चंदन चंद्राकर पर सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक गाली-गलौज कर अपमानित करने का आरोप लगाया गया है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मामले में तीन स्वतंत्र गवाह होने के बावजूद अब तक आरोपी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने तीनों मामलों में निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि भारती टंडन हत्याकांड में यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान मृतका भारती टंडन के माता-पिता, विवेक कुर्रे, रामुदास मांडे सहित प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, जिला सचिव रेखराम बघेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य हरक मन्नाडे, युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष तेजराम चौलिक, ब्लॉक उपाध्यक्ष एवं झारा सरपंच श्रीमती चंद्रकला जांगड़े, खल्लारी परिक्षेत्र अध्यक्ष संतोष कुमार जांगड़े, राजकुमार कुर्रे, देवेंद्र बंजारे, थामस भारती, दिनेश जांगड़े, अमृत डहरिया, तेजराम कुर्रे, यादराम भतपहरी, नागेश्वर रात्रे, किसन, युगेश्वर सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
