छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर पुलिस ने 9 किलो गांजा के साथ 5 अंतरराज्यीय तस्कर पकड़े

ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था गांजा, 8.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त; तीन आरोपी गिरफ्तार, दो विधि से संघर्षरत बालक भी पकड़े गए
महासमुंद। पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ओडिशा के संबलपुर से महाराष्ट्र के चंद्रपुर ले जाए जा रहे 9 किलोग्राम गांजा के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्करों को पकड़ा है। इनमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 किलो गांजा (कीमत 4.50 लाख रुपये), तस्करी में प्रयुक्त एक कार (कीमत 2.50 लाख रुपये) तथा दो मोबाइल फोन (कीमत 1.60 लाख रुपये) जब्त किए हैं। इस प्रकार कुल 8.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशानुसार जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं बिक्री पर लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सूचना मिली कि सफेद रंग की होंडा अमेज कार (क्रमांक एम एच -34-एएम-7642) में ओडिशा की ओर से गांजा लेकर कुछ लोग छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर थाना सिंघोड़ा पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 स्थित रेहटीखोल में नाकाबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध कार को रोककर जांच की गई। वाहन में सवार लोगों से पूछताछ के दौरान उनके जवाब संदिग्ध पाए गए। तलाशी लेने पर कार की डिक्की से 9 किलो गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा के संबलपुर से खरीदकर महाराष्ट्र के चंद्रपुर ले जा रहे थे, जहां इसकी बिक्री की जानी थी।
पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत थाना सिंघोड़ा में अपराध दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहिद खान (22 वर्ष), शुभम केशकर (22 वर्ष) और रोहित केशकर (23 वर्ष), निवासी बल्लारपुर, जिला चंद्रपुर (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। साथ ही दो विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। तस्करी के सोर्स से लेकर किंगपिन तक पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) की जांच की जाएगी, ताकि इस अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जा सके।