2.27 करोड़ के गांजा तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड तेलंगाना से गिरफ्तार

ओडिशा से हरियाणा तक फैले अंतरराज्यीय सिंडिकेट का सरगना दबोचा
व्हाट्सएप कॉल और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
महासमुंद। पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ करीब 2.27 करोड़ रुपये मूल्य के 454.890 किलोग्राम गांजा की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना बलराम सैनी उर्फ बल्लू को तेलंगाना के सिकंदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ओडिशा से हरियाणा तक फैले गांजा तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था और घटना के दौरान व्हाट्सएप कॉल के जरिए तस्करों को लगातार रूट की जानकारी दे रहा था।
पुलिस के अनुसार थाना बसना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) एवं 29 के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में 30 मार्च 2026 को बसना पुलिस ने पलसापाली नाका पर नाकेबंदी के दौरान बोलेरो पिकअप (टीएस 08 यूएच 8606) से 454.890 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। मौके से वाहन चालक एवं तस्करी में शामिल इमरान (36), निवासी पिलानी, राजस्थान को गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी के मेमोरेंडम, साइबर सेल की जांच तथा व्हाट्सएप एलएलसी से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), आईपी एड्रेस और लोकेशन विश्लेषण से पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बलराम सैनी उर्फ बल्लू सामने आया। पुलिस ने उसे सिकंदराबाद (तेलंगाना) से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में बलराम ने स्वीकार किया कि वह ओडिशा के फूलबानी निवासी विक्कू से गांजा मंगवाकर हरियाणा के चरखी दादरी, पिलानी और अन्य स्थानों पर सप्लाई करता था। घटना के समय वह व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए वाहन चालक को सुरक्षित रूट बताकर तस्करी का संचालन कर रहा था।
पुलिस के अनुसार बलराम आदतन अपराधी है। वह वर्ष 2019 में भी गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब इस नेटवर्क के सोर्स से लेकर रिसीवर तक जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट को ध्वस्त किया जा सके। इस अपराध में शामिल इमरान (36), निवासी पिलानी, राजस्थान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि गांजा, वाहन और मोबाइल सहित जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 35 लाख रुपये है। गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट), सरायपाली की अदालत में रिमांड के लिए पेश किया गया।

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