भाजपा राज में कानून व्यवस्था ध्वस्त, माफियाओं के हौसले बुलंद : डॉ. रश्मि

कोरिया जिले की जिंदा जलाकर हत्या की घटना पर कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष ने सरकार को घेरा, गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग
महासमुंद। कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कोरिया जिले में रेत कारोबार से जुड़े विवाद के दौरान भाजपा नेता को कथित रूप से कार में बंद कर जिंदा जलाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की विफलता और मानवता को शर्मसार करने वाली बर्बरता का उदाहरण है।
डॉ. चंद्राकर ने जारी बयान में कहा कि इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं और प्रदेश में माफियाराज का वातावरण बनता जा रहा है। उनके अनुसार रेत, कोयला, शराब, नशा और भूमि से जुड़े अवैध कारोबारों में सक्रिय तत्वों को संरक्षण मिलने के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि आखिर यह कैसा सुशासन है, जहां रेत घाटों और अवैध कारोबारों से जुड़े विवादों का समाधान कानून और प्रशासन के बजाय हिंसा और हत्या के जरिए हो रहा है। डॉ. चंद्राकर ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक और आरोपी दोनों का भाजपा से संबंध बताया जा रहा है, जिससे यह प्रश्न और गंभीर हो जाता है कि सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।
बुलडोजर राजनीति पर भी उठाए सवाल
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने भाजपा की कथित बुलडोजर राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेता और प्रवक्ता अक्सर अपराधों पर सख्त कार्रवाई तथा बुलडोजर चलाने की बात करते हैं। अब जब इतनी वीभत्स घटना सामने आई है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कब होगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या कानून के अलग-अलग पैमाने तय कर दिए गए हैं और क्या बुलडोजर केवल राजनीतिक विरोधियों के लिए ही आरक्षित है।
प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में हत्या, लूट, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, नशे के अवैध कारोबार और माफियाओं के आतंक जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है और अपराधियों में पुलिस एवं प्रशासन का भय समाप्त होता दिखाई दे रहा है।
डॉ. चंद्राकर ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रदेश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने समाज को झकझोर दिया है। कोरिया जिले की यह घटना भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जो यह संकेत देती है कि शासन-प्रशासन का नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है और अपराधी तत्व अधिक प्रभावशाली होते जा रहे हैं।
निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
डॉ. रश्मि चंद्राकर ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने का साहस न कर सके।
उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही कहा कि प्रदेश की जनता भय, असुरक्षा और अव्यवस्था के माहौल में जीने को मजबूर है। सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए और कानून व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
डॉ. चंद्राकर ने कहा कि यदि सरकार अपराध नियंत्रण में विफल रही है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।