नए शिक्षा सत्र से पहले 92 स्कूल बसों की जांच, दो पर कार्रवाई
सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर बस संचालकों को सुधार के निर्देश, चालकों का भी हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
महासमुंद। आगामी शिक्षा सत्र को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिले में पंजीकृत स्कूल बसों का व्यापक निरीक्षण एवं चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
महासमुंद, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 92 स्कूल बसों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए 6 हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला गया।
जांच के दौरान जिन स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप कमियां पाई गईं, उनके संचालकों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार कर वाहनों को पुनः निरीक्षण के लिए जिला परिवहन कार्यालय महासमुंद में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं निरीक्षण के लिए अनुपस्थित रहने वाली स्कूल बसों के संचालकों को तीन दिनों के भीतर वाहन प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
निरीक्षण अभियान के दौरान जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने स्कूल बस चालकों एवं परिचालकों को सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शराब सेवन कर वाहन चलाना, तेज गति से बस संचालन करना तथा यातायात नियमों की अनदेखी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने सभी चालकों को सीट बेल्ट का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने, फायर सेफ्टी उपकरणों एवं फर्स्ट एड बॉक्स की समय-समय पर जांच करने, सीसीटीवी कैमरों को सुचारू रूप से संचालित रखने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
