बेलटुकरी में शराब निर्माण इकाई को लेकर सरकार पर बरसे अमर चंद्राकर
जनसुनवाई में परियोजना की वास्तविक जानकारी छिपाने का लगाया आरोप, जांच और पारदर्शिता की मांग
महासमुंद। जिला पंचायत के पूर्व सभापति अमर अरुण चंद्राकर ने प्रदेश सरकार पर शराब कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए पूर्ण शराबबंदी की मांग करने वाली भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आने के बाद शराब उत्पादन और बिक्री को विस्तार देने की दिशा में कार्य कर रही है।
श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब दुकानों की संख्या और उनकी पहुंच लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे गांवों और शहरों तक शराब की उपलब्धता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब तक तीन प्रमुख शराब उत्पादन इकाइयां संचालित थीं, लेकिन महासमुंद जिले के तुमगांव क्षेत्र अंतर्गत बेलटुकरी में पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड को देशी शराब निर्माण का लाइसेंस देकर सरकार ने एक और शराब उत्पादन इकाई को अनुमति प्रदान कर दी है।
उन्होंने इसे क्षेत्रवासियों की भावनाओं के साथ छल बताते हुए कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों को परियोजना की वास्तविक प्रकृति से पूरी तरह अवगत नहीं कराया गया। उनका कहना है कि कलेक्टर महासमुंद द्वारा जारी जनसुनवाई संबंधी दस्तावेज में एथेनॉल, रेक्टिफाइड स्पिरिट, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए), इंडस्ट्रियल अल्कोहल, डिनेचर्ड स्पिरिट, माल्ट स्पिरिट, को-जनरेशन पावर प्लांट, डीडीजीएस उत्पादन तथा कार्बन डाइऑक्साइड रिकवरी जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया था, लेकिन कहीं भी सरल और स्पष्ट भाषा में शराब निर्माण का उल्लेख नहीं किया गया।
श्री चंद्राकर ने कहा कि एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल, रेक्टिफाइड स्पिरिट और माल्ट स्पिरिट जैसे उत्पाद सीधे तौर पर मदिरा उद्योग से जुड़े होते हैं, बावजूद इसके जनसुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डिस्टिलरी अथवा एथेनॉल प्लांट के नाम पर प्रस्ताव प्रस्तुत कर क्षेत्रवासियों को भ्रमित किया गया तथा शराब उत्पादन से संबंधित तथ्यों को जनता से छिपाया गया।
पूर्व सभापति ने कहा कि यदि जनसुनवाई के दौरान देशी शराब निर्माण की जानकारी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक की जाती तो स्थानीय नागरिकों को अपनी राय और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर मिलता। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जनसुनवाई प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा जनता के समक्ष सभी तथ्यों को स्पष्ट रूप से रखने की मांग की है।
श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रदेश को शराब उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका सामाजिक प्रभाव आने वाले समय में गंभीर रूप से सामने आ सकता है।
