खाद का अवैध भंडारण और गड़बड़ी पर कृषि विभाग की कार्रवाई, 164 बोरी यूरिया जब्त
महासमुंद। जिले में किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा उर्वरक विक्रेताओं और गोदामों का लगातार आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को बसना और कोमाखान क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जहां भारी अनियमितताएं सामने आईं।
उप संचालक कृषि फागूराम कश्यप एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना हरिशंकर पैकरा के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बसना श्रीमती उषाकांति खेस ने सागरपाली स्थित श्री किसान कृषि सेवा केन्द्र तथा भंवरपुर स्थित जय दुर्गा कृषि सेवा केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के भंडारण, विक्रय दर, स्टॉक पंजी और पॉश मशीन के माध्यम से की जा रही वितरण व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया।
संयुक्त टीम ने संबंधित विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए तथा किसानों के रकबे के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही दुकानों में उर्वरकों की दर सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और सभी अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसी दौरान तहसील कोमाखान अंतर्गत ग्राम मुनगासेर में खोमसिंह पिता घनाराम साहू के कोठार में लगभग 50 बोरी यूरिया खाद अवैध रूप से भंडारित पाया गया। जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति खरीदी से जुड़े बिल-वाउचर प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद कृषि विभाग ने तत्काल खाद जब्ती की कार्रवाई की।
वहीं ग्राम पटेवा स्थित प्रतीक बीज भंडार दुकान एवं गोदाम के निरीक्षण में भी बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई। पॉस मशीन में 328 बोरी यूरिया खाद दर्ज था, जबकि मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान केवल 214 बोरी ही उपलब्ध मिली। इस प्रकार 114 बोरी यूरिया खाद कम पाए जाने पर कृषि विभाग ने खाद एवं पॉस मशीन को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है अथवा किसी प्रकार की अनियमितता करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय हमेशा पक्का बिल प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल कृषि विभाग या राजस्व विभाग से संपर्क करें।
