20 मई को बजट जारी, फिर भी 550 एनएचएम कर्मियों का वेतन अटका

अप्रैल माह की सैलरी नहीं मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश, 24 घंटे में भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
महासमुंद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) जिला महासमुंद के अंतर्गत कार्यरत लगभग 550 अधिकारी एवं कर्मचारी इन दिनों वेतन नहीं मिलने से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शासन द्वारा बजट जारी किए जाने के बावजूद कर्मचारियों को अब तक अप्रैल माह का वेतन नहीं मिल पाया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में भारी नाराजगी और असंतोष का माहौल व्याप्त है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के अनुसार वेतन भुगतान के लिए आवश्यक बजट 20 मई को ही जिले को आवंटित कर दिया गया था। इसके बावजूद अब तक कर्मचारियों के खातों में वेतन राशि ट्रांसफर नहीं की गई है। संघ का आरोप है कि बजट उपलब्ध होने और अधिकारियों को पूरी जानकारी होने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है।
कर्मचारियों ने पूर्व में कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र वेतन जारी करने की मांग भी की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से कर्मचारियों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वेतन नहीं मिलने से जिले के करीब 550 परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक की किस्तें और अन्य जरूरी भुगतान का संकट गहरा गया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार मांग और निवेदन के बाद भी जिला कार्यालय स्तर पर वेतन जारी नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है। इसका सीधा असर कर्मचारियों के मनोबल पर पड़ रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राम गोपाल खूंटे ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर सभी कर्मचारियों के खातों में अप्रैल माह का वेतन ट्रांसफर नहीं किया गया, तो जिलेभर के स्वास्थ्य कर्मचारी काम बंद कर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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