पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, हादसे का रूप देने की साजिश नाकाम
22 दिन तक मौत से जूझता रहा युवक, पीएम रिपोर्ट और साक्ष्यों के बाद हत्या की धारा जुड़ी
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार; कब्रिस्तान के पास डंडे और पत्थर से किया था हमला
महासमुंद। जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने की साजिश रची थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्या की धारा जोड़ दी है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 मई 2026 को बकमा निवासी लीला बाई पटेल ने थाना कोमाखान में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पुत्र चितरंजन पटेल के साथ ग्राम लामीसरार स्थित मुर्गी फार्म के पास पुरानी रंजिश को लेकर दीपेश साहू, कुंजन साहू और एक अन्य युवक ने मारपीट की थी। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल चितरंजन पटेल को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, जहां वह लंबे समय तक बेहोशी की हालत में रहा। इलाज के दौरान 22 मई 2026 को उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मर्ग पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) यानी हत्या की धारा जोड़ दी।
बहन को भगाकर ले जाने की रंजिश में रची गई थी साजिश
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मृतक चितरंजन पटेल ने पूर्व में आरोपियों में से एक की बहन को भगाकर ले गया था। इसी बात को लेकर आरोपी लंबे समय से आक्रोशित थे और बदला लेने की योजना बना रहे थे।
आरोपियों ने 15 अप्रैल 2026 को अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर योजना बनाई। जब चितरंजन पटेल मोटरसाइकिल से लामीसरार मुर्गी फार्म मोड़ के पास पहुंचा, तब उसे रोककर कब्रिस्तान के पास ले जाया गया। वहां पुरानी रंजिश को लेकर विवाद करते हुए तीनों आरोपियों ने डंडे से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से जब वह बेहोश हो गया, तब आरोपियों ने उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया और शव को बिजली खंभे के पास छोड़ दिया, ताकि मामला सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हो।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
कोमाखान पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी कुंजन साहू पिता बालूराम साहू (25 वर्ष) और दीपेश साहू पिता भुनेश्वर साहू (24 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम बकमा थाना बागबाहरा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है। जहां से दोनों को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया। वहीं, मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
बता दें कि, बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम कुसमी निवासी 23 वर्षीय युवक चितरंजन पटेल की उपचार के दौरान 22 मई को मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने कोमाखान थाना का घेराव किया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।
आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना परिसर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी थी। सूचना मिलने पर बागबाहरा एसडीओपी अजय शंकर त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को मामले में कड़ी कार्रवाई और हत्या की धारा जोड़कर जांच करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कुसमी निवासी चितरंजन पटेल (23) की गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक पिछले कई दिनों से गंभीर हालत में भर्ती था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि युवक के साथ हुई गंभीर मारपीट के मामले में पुलिस ने शुरुआत से ही लापरवाही बरती। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण शुक्रवार दोपहर ग्रामीण कोमाखान थाना पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
चितरंजन पटेल हत्याकांड: विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
मुख्यमंत्री से 20 लाख मुआवजा देने की मांग, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा
खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने ग्राम कुसमी पहुंचकर मृतक चितरंजन पटेल के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए हर हाल में न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। विधायक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
गौरतलब है कि चितरंजन पटेल की कुछ लोगों द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ कोमाखान थाने का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर जताई नाराजगी
मामले को लेकर विधायक द्वारिकाधीश यादव ने थाना प्रभारी से भी चर्चा की। थाना प्रभारी ने बताया कि जिला मुख्यालय स्थित आदित्य हॉस्पिटल द्वारा मेडिकल रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण कार्रवाई में देरी हुई।
इस पर विधायक यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन की ढुलमुल कार्यप्रणाली के चलते पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में विलंब हुआ है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
