सुशासन तिहार में उठी मांग: अमावस, बेल्टुकरी और अछरीडीह को फिर से तुमगांव तहसील में शामिल करने की मांग

किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानिक साहू ने शासन-प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील
महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए चलाए जा रहे सुशासन तिहार के दौरान ग्राम अमावस, बेल्टुकरी एवं अछरीडीह को पुनः तुमगांव तहसील में शामिल किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए महासमुंद किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मानिक साहू ने शासन एवं जिला प्रशासन को आवेदन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि उक्त तीनों गांव पूर्व में तुमगांव तहसील के अंतर्गत आते थे, लेकिन बाद में प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान इन्हें महासमुंद तहसील में शामिल कर दिया गया। तहसील परिवर्तन के बाद ग्रामीणों एवं किसानों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए महासमुंद जाना पड़ रहा है, जिससे लोगों को आर्थिक, शारीरिक एवं समय संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मानिक साहू ने कहा कि इन गांवों का दैनिक आवागमन, बाजार व्यवस्था, सामाजिक गतिविधियां तथा अधिकांश शासकीय संपर्क तुमगांव क्षेत्र से ही जुड़े हुए हैं। तुमगांव की दूरी कम होने के कारण पहले ग्रामीणों को अपने राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिलती थी, लेकिन महासमुंद तहसील में शामिल होने के बाद लोगों को अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि इसका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों एवं गरीब वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए भी ग्रामीणों का पूरा दिन खराब हो जाता है, जिससे खेती-किसानी एवं दैनिक रोजगार प्रभावित हो रहे हैं।
किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्राम अमावस, बेल्टुकरी एवं अछरीडीह को पुनः तुमगांव तहसील में शामिल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने शासन एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सके।