पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित हो : तुषार साहू
सरपंच पति के हस्तक्षेप पर रोक लगाने, बायोमीट्रिक उपस्थिति और डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग
महासमुंद। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू ने पंचायत विभाग से मांग की है कि पंचायती राज व्यवस्था में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविक और स्वतंत्र भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने का उद्देश्य केवल औपचारिक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया का प्रभावी और सशक्त हिस्सा बनाना है।
तुषार साहू ने कहा कि कई पंचायतों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति या अन्य परिजन कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं, जो पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि “सरपंच पति” या अन्य रिश्तेदारों के अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने के लिए पंचायत विभाग सख्त निर्देश जारी करे।
बैठकों में महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति हो अनिवार्य
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और अन्य पंचायत स्तरीय बैठकों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसी भी रिश्तेदार, प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति को उनके स्थान पर बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि कहीं इस प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
फेस रिकॉग्निशन और बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने की मांग
तुषार साहू ने पंचायतों में फेस रिकॉग्निशन और बायोमीट्रिक अटेंडेंस जैसी तकनीकों को लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे महिला प्रतिनिधियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी और प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व पर प्रभावी रोक लगेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से हो निगरानी
उन्होंने सुझाव दिया कि पंचायत बैठकों और ग्राम सभाओं की कार्रवाई को सभासार पोर्टल, निर्णय ऐप तथा अन्य अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए जाएं। इससे पंचायत कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहेगी और महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका भी दर्ज हो सकेगी।
महिला प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम जरूरी
तुषार साहू ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक और सामाजिक रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए जिला स्तर पर जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम, नेतृत्व प्रशिक्षण और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। इससे महिलाएं आत्मविश्वास के साथ पंचायत संचालन में अपनी भूमिका निभा सकेंगी।
पेसा क्षेत्रों में महिला सभा आयोजित करने की मांग
तुषार साहू ने पेसा क्षेत्र की पंचायतों में ग्राम सभा से पहले महिला सभा आयोजित करना अनिवार्य किए जाने की मांग की। साथ ही सामान्य क्षेत्रों में भी महिला प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने के लिए महिला सभाओं के आयोजन को प्रोत्साहित करने की बात कही।
शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की मांग
उन्होंने जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व से जुड़ी शिकायतों के लिए शिकायत पेटी और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे पंचायतों में महिलाओं की वास्तविक सहभागिता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।
