नेशनल लोक अदालत में 66 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण
जिले में 6.22 करोड़ रुपए से अधिक के अवार्ड पारित, दाम्पत्य विवाद भी सुलझे
महासमुंद। न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा पक्षकारों के बीच आपसी सुलह और समझौते को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को जिलेभर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय महासमुंद, कुटुंब न्यायालय तथा तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित न्यायालयों में कुल 27 खंडपीठों का गठन किया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
66 हजार 623 प्रकरणों का हुआ निराकरण
नेशनल लोक अदालत में बैंक रिकवरी, श्रमिक विवाद, विद्युत बकाया, राजस्व प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा, एनआई एक्ट की धारा 138 तथा राजीनामा योग्य दांडिक मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया।
प्री-लिटिगेशन मामलों में बैंक रिकवरी के 2,854 प्रकरणों में 12 लाख 54 हजार 100 रुपए, विद्युत विभाग के 8,769 प्रकरणों में 33 लाख 82 हजार 329 रुपए तथा श्रम विभाग के 9 मामलों में 29 हजार 500 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इसी प्रकार मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के 25 प्रकरणों में 3 करोड़ 22 लाख 90 हजार रुपए तथा एनआई एक्ट धारा 138 के 12 मामलों में 37 लाख 445 रुपए के अवार्ड पारित हुए।
इसके अलावा जिले के विभिन्न तहसील एवं अनुभागीय राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 50 हजार 513 प्रकरणों का निराकरण किया गया। कुल मिलाकर जिलेभर में 66 हजार 623 मामलों का निपटारा करते हुए 6 करोड़ 22 लाख 82 हजार 394 रुपए की राशि के अवार्ड पारित किए गए।
मोटर दुर्घटना प्रकरणों में 1.32 करोड़ का मुआवजा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं खंडपीठ क्रमांक-1 की पीठासीन अधिकारी श्रीमती अनिता डहरिया के समक्ष लंबित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 9 प्रकरणों का भी निपटारा किया गया। इनमें 8 मृतकों के 23 वारिसों एवं एक घायल हितग्राही के पक्ष में कुल 1 करोड़ 32 लाख 95 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया गया। समझौते के बाद पीठासीन अधिकारी ने हितग्राहियों को पौधे भेंट कर वृक्षारोपण का संदेश भी दिया।
समझाइश के बाद पति-पत्नी फिर साथ रहने को हुए तैयार
कुटुंब न्यायालय की खंडपीठ क्रमांक-2 में भरण-पोषण से संबंधित लंबित मामलों में भी आपसी सुलह के जरिए समाधान कराया गया। एक मामले में ग्राम भीमखोज निवासी महिला द्वारा पति के नशे की आदत के कारण अलग रहने के बाद भरण-पोषण का आवेदन प्रस्तुत किया गया था। न्यायाधीश श्री प्रफुल्ल कुमार सोनवानी की समझाइश के बाद पति ने नशा छोड़ने और पत्नी व बच्चों के साथ रहने की सहमति दी, जिसके बाद दोनों ने पुनः दाम्पत्य जीवन शुरू करने का निर्णय लिया।
इसी प्रकार एक अन्य दंपति, जो आपसी मनमुटाव के कारण जून 2025 से अलग रह रहे थे, उन्हें भी लोक अदालत में समझाइश देकर साथ रहने के लिए राजी किया गया। समझौता होने के बाद दोनों पक्षों ने साथ मिलकर जीवन निर्वाह करने की सहमति जताई।
स्वास्थ्य शिविर और पौध वितरण बना आकर्षण
नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया, जहां न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आम नागरिकों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई तथा दवाइयों का वितरण किया गया।
इसके साथ ही वन विभाग के सहयोग से न्यायालय पहुंचे पक्षकारों और नागरिकों को फलदार एवं छायादार पौधे वितरित किए गए। पीठासीन अधिकारियों ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया।
कबाड़ से जुगाड़ की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय परिसर में शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह बरोण्डा बाजार के विधि से संघर्षरत बालकों द्वारा तैयार हस्तशिल्प एवं चित्रकला की प्रदर्शनी भी लगाई गई। बच्चों ने पुरानी एवं अनुपयोगी वस्तुओं से आकर्षक कलाकृतियां तैयार की थीं। कला एवं क्राफ्ट शिक्षक केदार धीवर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी को न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों ने सराहा।
कई माह से चल रही थी तैयारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, पूरे देश में आयोजित इस हाईब्रिड नेशनल लोक अदालत की सफलता के लिए कई माह से तैयारियां चल रही थीं। पक्षकारों को पहले से नोटिस भेजकर प्री-सीटिंग के माध्यम से समझौते के लिए प्रेरित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
