महिला आरक्षण लागू करने में देरी पर कांग्रेस का विरोध, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
विधायक कविता प्राण लहरे और द्वारकाधीश यादव बोले- कानून बनने के बाद भी टालमटोल
भाजपा पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
महासमुंद। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला स्तर पर आयोजित प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का तीखा विरोध किया गया। इस दौरान बिलाईगढ़ विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे और खल्लारी विधायक व कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वारकाधीश यादव ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता का मुख्य मुद्दा महिला आरक्षण कानून के लागू होने में हो रही देरी रहा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री सहित भाजपा के शीर्ष नेता महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर चुका है और यह अब कानून बन चुका है।
विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देने में जानबूझकर देरी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट होती तो महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता था, लेकिन इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़कर टाला जा रहा है।
वहीं विधायक द्वारकाधीश यादव ने सवाल उठाया कि जब कानून बन चुका है, तो इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को केवल राजनीतिक मुद्दा बनाकर लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश 131वें संविधान संशोधन विधेयक में महिला आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, बल्कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके तहत लोकसभा की कुल सीटें 850 करने, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित करने की बात कही गई है।
प्रेस वार्ता में यह मुद्दा भी उठाया गया कि परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार स्वयं 2026-27 में नई जनगणना और जातिगत जनगणना कराने की बात कह रही है। ऐसे में पुराने आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेना तर्कसंगत नहीं है। अंत में कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि महिला आरक्षण कानून को बिना किसी देरी के लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को राजनीति में उचित और प्रभावी प्रतिनिधित्व मिल सके।
