भाजपा सरकार की लापरवाही से खाद-बीज और ऋण के लिए भटक रहे किसान: मानिक साहू

खरीफ सीजन से पहले अव्यवस्था पर उठे सवाल, तकनीकी खामियों और प्रशासनिक उदासीनता का किसानों पर असर
महासमुंद। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी और किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें परेशान करने में लगी हुई है। खरीफ सीजन की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण की समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे जिले के किसान परेशान और चिंतित हैं।
मानिक साहू ने बताया कि हर वर्ष 1 अप्रैल से सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि किसान समय पर खेती की तैयारी कर सकें। लेकिन इस बार अप्रैल समाप्ति की ओर है और अधिकांश समितियों में व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी है। किसान रोजाना सोसायटियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा कि किसान जब ऋण आवेदन के लिए समितियों में पहुंच रहे हैं, तो कर्मचारियों द्वारा यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि खंड-2 में रकबा में धान दर्ज नहीं है। जब तक सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक खाद, बीज और ऋण की सुविधा नहीं दी जा सकती। इस तकनीकी खामी और प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
मानिक साहू ने कहा कि खरीफ फसल के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसान पहले से ही खेत की तैयारी, बीज चयन, खाद की व्यवस्था और ऋण प्रक्रिया में जुट जाते हैं। ऐसे में समय पर संसाधन नहीं मिलने से खेती प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति दोनों पर असर पड़ेगा।
उन्होंने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले धान खरीदी सीजन में भी हजारों किसान परेशान हुए थे—कई को समय पर टोकन नहीं मिला, तो कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए। उस समय भी सरकार ने बड़े दावे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार में व्यस्त है, जबकि किसानों की वास्तविक समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। किसानों को बार-बार गुमराह करना बंद किया जाए और तत्काल सहकारी समितियों में तकनीकी खामियों को दूर कर खाद, बीज और ऋण वितरण शुरू किया जाए। अंत में मानिक साहू ने चेतावनी दी कि यदि जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस किसानों के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।