जिला जेल में मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 100 बंदियों की जांच

महासमुंद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में संचालित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला जेल बेमचा में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष जांच एवं मनोसामाजिक परामर्श शिविर का आयोजन किया गया।
विशेषज्ञों की टीम ने दिए तनावमुक्त रहने के उपाय
शिविर का शुभारंभ जेल अधीक्षक अश्वनी पूजा तिर्की एवं सहायक जेल अधीक्षक उदय कुमार गायकवाड़ की उपस्थिति में हुआ। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के स्पर्श क्लिनिक (मनोरोग विभाग) के विशेषज्ञों की टीम ने बंदियों को तनावमुक्त रहने के व्यावहारिक तरीके बताए।
टीम में डॉ. आशना (एमडी साइकेट्री), डॉ. अंकित (मनोरोग समाज कार्य विशेषज्ञ), रामगोपाल खुंटे एवं वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी खोमन लाल साहू शामिल रहे।
100 बंदियों की जांच, 7 को विशेष उपचार
शिविर के दौरान 100 बंदियों का गहन मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अधिकांश बंदियों को सामान्य तनाव और जेल जीवन से जुड़े परामर्श दिए गए। जांच में 7 बंदियों में मानसिक विकार के गंभीर लक्षण पाए गए, जिनके लिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष उपचार योजना तैयार की गई है। इन बंदियों को निरंतर फॉलो-अप में रखा जाएगा।
पुनर्वास में मानसिक स्वास्थ्य की अहम भूमिका
जेल अधीक्षक अश्वनी पूजा तिर्की ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बंदियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके सामाजिक पुनर्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे शिविर न केवल उनकी मानसिक स्थिति सुधारने में मदद करते हैं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए भी तैयार करते हैं।