गौधाम योजना ठंडे बस्ते में और गौवंश सड़कों पर, भाजपा सरकार की यही नीति: विनोद चंद्राकर

महासमुंद। पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर गौधाम योजना को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के चलते गौवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और जनहानि की घटनाएं सामने आ रही हैं।
चंद्राकर ने कहा कि वर्ष 2023 तक प्रदेश में संचालित लगभग 10,800 गौठानों को बंद कर दिए जाने से लाखों पशु सुरक्षित आश्रय से वंचित हो गए हैं। उन्होंने इस निर्णय को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि इससे न केवल पशु संरक्षण प्रभावित हुआ है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।
उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान गौठान योजना के माध्यम से महिला समूह गोबर से खाद बनाकर आय अर्जित कर रही थीं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही थी। साथ ही पशुपालकों को भी आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला था।
वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए चंद्राकर ने कहा कि ‘गौधाम योजना’ केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नजर आ रही है और जमीनी स्तर पर इसका कोई ठोस क्रियान्वयन दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने मांग की कि यदि सरकार नई योजना को प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पा रही है, तो पूर्व की गौठान योजना को पुनः शुरू किया जाए, ताकि गौवंश को संरक्षण मिल सके और ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, को रोजगार के अवसर पुनः उपलब्ध हो सकें।