रसोई गैस किल्लत, 500 रुपये में सिलेंडर वादे निकला जुमला: आलोक

महासमुंद। छत्तीसगढ़ जीव जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने प्रदेश में रसोई गैस की कथित किल्लत को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार के गठन के 100 दिनों के भीतर 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ, जबकि आम जनता महंगाई और गैस संकट से जूझ रही है।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा सरकार प्रदेश में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर महासमुंद सहित पूरे प्रदेश में गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों को तड़के से लाइन में लगना पड़ रहा है, बावजूद इसके दोपहर तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि गैस कंपनियां ‘सर्वर डाउन’ का हवाला देकर बुकिंग बंद कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। जमीनी स्थिति सरकार के दावों के विपरीत है। प्रशासन जहां विज्ञप्तियों के जरिए हालात सामान्य बता रहा है, वहीं आम लोग परेशान हैं।
चंद्राकर ने यह भी आरोप लगाया कि गैस एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिलने से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
कमर्शियल गैस सप्लाई पर असर, होटल व्यवसाय प्रभावित
उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस की सप्लाई प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इससे घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। महासमुंद के कई होटल और रेस्टोरेंट गैस संकट से जूझ रहे हैं, वहीं प्रशासन की छापामार कार्रवाई से व्यवसायियों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
चंद्राकर ने सरकार से सवाल किया कि जब आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया जा रहा है, तो 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा अब तक क्यों पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही है। अंत में उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।