छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर: विधायक योगेश्वर
महिलाओं को भूमि रजिस्ट्रेशन में 50% छूट, सैनिकों को भी बड़ी राहत
महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसके ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी गई।
यह समिति रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित की जाएगी, जो राज्य के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रारूप तैयार करेगी। आवश्यकतानुसार आम जनता से भी वेब पोर्टल के माध्यम से राय ली जाएगी। इसके बाद मसौदे को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कानूनी एकरूपता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विवाह, तलाक, भरण-पोषण और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग पर्सनल लॉ लागू हैं, ऐसे में समान नागरिक संहिता की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य का दायित्व है कि वह सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करे।
महिलाओं को बड़ी राहत: रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% छूट
कैबिनेट बैठक में महिलाओं के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया। अब महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन कराने पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
सैनिकों और वीरांगनाओं के लिए भी विशेष प्रावधान
इसके साथ ही राज्य के सेवारत एवं भूतपूर्व सैनिकों तथा उनकी विधवाओं को भी बड़ी राहत दी गई है। उन्हें जीवनकाल में एक बार 25 लाख रुपए तक की संपत्ति खरीदने पर 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में सामाजिक और आर्थिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
