नपा बजट पर विपक्ष का हमला, “काल्पनिक और जनविरोधी” बताया
महासमुंद। नगर पालिका के वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व नपाध्यक्ष एवं पार्षद पवन पटेल सहित कई पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने बजट को “काल्पनिक” बताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि बजट में नए विकास कार्यों की बजाय पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों को ही दोहराया गया है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री आवास योजना को जानबूझकर बजट में शामिल नहीं किया गया, जबकि बीते वर्ष में 150 से अधिक गरीब परिवारों के आवास स्वीकृत होकर बन चुके हैं और कई निर्माणाधीन हैं। इस योजना के तहत करीब 375 लाख रुपए पालिका को प्राप्त हुए थे, इसके बावजूद इसे नजरअंदाज करना समझ से परे है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की एनयूएलएम (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) के तहत हर वर्ष मिलने वाली करोड़ों की राशि का भी बजट में उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे गरीब और अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के हितों की अनदेखी साफ झलकती है।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि बजट में नगर पालिका के मूलभूत कार्यों, बिजली, सफाई और पेयजल—के लिए कोई ठोस और बड़ा प्रावधान नहीं किया गया है। वहीं मुढ़ेना और बेलसोंडा क्षेत्र में स्थित फिल्टर प्लांट की जर्जर स्थिति पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह बजट विकासोन्मुखी न होकर केवल “कागजी औपचारिकता” बनकर रह गया है, जिससे आम जनता को राहत मिलने के बजाय नगर पालिका पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।
इस दौरान पार्षदगण सीता तोंडेकर, जरीना हफीज कुरैशी, कल्पना सूर्यवंशी, माधुरी यदु, चंद्रशेखर बेलदार, भारती राजू चंद्राकर, भाउराम साहू, पीयूष साहू, शुभ्रा शर्मा, धनेश्वरी सोनवानी, सांसद प्रतिनिधि महेंद्र जैन और विधायक प्रतिनिधि हफीज कुरैशी भी मौजूद रहे।
