स्वदेशी मेला में बीज निगम अध्यक्ष ने स्थानीय उत्पादों के उपयोग पर दिया जोर
महासमुंद। कवर्धा में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित सात दिवसीय ‘स्वदेशी मेला’ का समापन उत्साह और जनभागीदारी के साथ हुआ। समापन दिवस के मुख्य अतिथि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) चंद्रहास चंद्राकर ने की।
अपने संबोधन में श्री चंद्राकर ने स्वदेशी को देश की आत्मा और स्वाभिमान बताते हुए जनमानस से स्थानीय उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएं खरीदते हैं, तो उसका सीधा लाभ गांव के शिल्पकारों, किसानों और छोटे उद्यमियों को मिलता है। समाज के हर वर्ग को स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार और उनके संरक्षण-संवर्धन के लिए संकल्पित होना चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने एसी के बजाय स्थानीय स्तर पर निर्मित कूलर के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एसी पर बढ़ती निर्भरता पर्यावरण के लिए हानिकारक है, जबकि कूलर न केवल किफायती हैं बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहतर हैं।
कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे विषय प्रमुख रूप से उभरकर सामने आए। श्री चंद्राकर ने ‘लोकल फॉर वोकल’ के मंत्र को अपनाने पर जोर देते हुए मिट्टी के बर्तन, हस्तशिल्प और पारंपरिक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने स्वदेशी मेले के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों को मंच प्रदान करने के लिए आयोजकों की सराहना भी की।
समापन अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। श्री चंद्राकर ने मेले में लगे विभिन्न स्टालों का भ्रमण कर स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। इस दौरान सुरेश चंद्रवंशी, हरीश लुनिया, गौरी शंकर शर्मा, उत्तर कौशिक, डॉ. के.पी. जांगड़े, डॉ. विनय बीसेन, दिनेश श्रीश्रीमाल, दीप शर्मा, अनिल दानी, अतुल जैन, अमित बरडिया, संदीप अग्रवाल, शेखर बख्शी, राघव साहू सहित सीबीएमडी के प्रबंधक सुब्रत चाकी मंच पर उपस्थित रहे।
