राशन संकट और अधूरी धान खरीदी पर किसान कांग्रेस का हमला
सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप
महासमुंद। जिले में राशन वितरण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष मानिक साहू ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मार्च माह में हजारों हितग्राही राशन से वंचित रह गए, जो सरकारी व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
मानिक साहू ने कहा कि सरकार जहां एक ओर गरीबों को मुफ्त राशन देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की सैकड़ों सरकारी राशन दुकानों में वितरण प्रभावित रहा, जिससे कई गांवों के लोग बार-बार चक्कर काटने के बावजूद अपने हक से वंचित रह गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराया जाए।
धान खरीदी के मुद्दे पर भी किसान कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए श्री साहू ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों से समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल धान खरीदी का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने दावा किया कि जिले के सैकड़ों किसान अभी भी अपनी उपज का पूरा धान समर्थन मूल्य पर नहीं बेच सके हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में कम दाम पर व्यापारियों को धान बेचना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे किसानों के लिए यह स्थिति दोहरी मार साबित हो रही है। सरकार की नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है, जिसे अब आम जनता भी समझने लगी है।
मानिक साहू ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। किसान कांग्रेस ने मांग की है कि मार्च माह में राशन से वंचित सभी हितग्राहियों को तुरंत राशन दिया जाए, धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।
