हाड़ाबंद में महिला दिवस पर जागरूकता का संदेश

“खाना बनाना सिर्फ महिलाओं का काम नहीं”- डॉ. एकता लंगेह
महासमुंद। ग्राम पंचायत हाड़ाबंद में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज सेविका डॉ. एकता लंगेह ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी ग्रामीण महिलाएं विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाई हैं। उन्होंने कहा कि सुबह से शाम तक घर के कामों में उलझाकर महिलाओं को चारदीवारी तक सीमित कर दिया जाता है। यह सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि खाना बनाना सिर्फ महिलाओं का काम नहीं है, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार पुरुषों को भी घर के कामों में समान भागीदारी निभानी चाहिए। डॉ. लंगेह ने नशे के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा परिवार, समाज और देश—तीनों के लिए घातक है, इसलिए इससे दूर रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने और नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने अपनी समस्याएं मुख्य अतिथि के समक्ष रखीं, जिस पर डॉ. लंगेह ने आवेदन लेकर उनके समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत हाड़ाबंद की सरपंच श्रीमती ममता साहू ने की। विशेष अतिथि अधिवक्ता टी. दुर्गा राव ने महिलाओं को जागरूक करते हुए घरेलू हिंसा और महिला प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने तथा आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता राजपूत ने “नारी शक्ति” का संदेश देते हुए महिलाओं को एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रिय ठाकुर, राजेश, हेमवती यादव, गुड्डी सिन्हा, मिलवन्तीन यादव सहित गांव की महिलाओं, पंचगण और मितानिन दीदियों का विशेष योगदान रहा।