593 दुकानों में राशन संकट: किसान कांग्रेस का सरकार पर हमला

लाखों हितग्राही रहे वंचित, जांच और कार्रवाई की मांग तेज
महासमुंद। जिले में मार्च माह के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकारी राशन की आपूर्ति बाधित होने से हजारों-लाखों हितग्राही प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर किसान कांग्रेस महासमुंद के जिला अध्यक्ष मानिक साहू ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) की निष्क्रियता के चलते जिले की सैकड़ों उचित मूल्य दुकानों तक राशन नहीं पहुंच सका। नतीजतन गरीब परिवारों को पूरे महीने राशन के लिए भटकना पड़ा और कई लोगों को उधार लेकर गुजारा करना पड़ा।
मानिक साहू के अनुसार जिले में कुल 593 राशन दुकानों का नेटवर्क है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में दुकानों तक अनाज नहीं पहुंचा। वहीं लगभग 375 दुकानों में शक्कर की आपूर्ति भी ठप रही, जिससे वितरण व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
उन्होंने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। 25 मार्च को सर्वर सुधार के नाम पर राशन वितरण बंद कर दिया गया, जबकि इससे पहले नवंबर माह में भी इसी तरह की स्थिति बनी थी। उन्होंने इसे “प्रशासनिक असफलता और संवेदनहीनता” करार दिया।
किसान कांग्रेस ने राज्य सरकार पर योजनाओं के केवल प्रचार-प्रसार का आरोप लगाया, वहीं केंद्र सरकार की मुफ्त राशन योजना पर भी सवाल खड़े किए। साहू ने कहा कि जमीनी हकीकत में गरीबों तक समय पर राशन नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो किसान कांग्रेस और आम जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी।