डिजिटल नंबर प्लेट और क्यूआर कोड से हर संपत्ति बनेगी ‘डिजिटल कुंडली’

महासमुंद। शहर को स्मार्ट और डिजिटल बनाने की दिशा में नगर पालिका ने एक अभिनव पहल शुरू की है। अब शहर के हर घर, दुकान और कॉम्प्लेक्स के बाहर डिजिटल नंबर प्लेट के साथ क्यूआर कोड लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए प्रत्येक संपत्ति की एक ‘डिजिटल कुंडली’ तैयार होगी, जो सीधे उसी प्लेट में समाहित रहेगी।
इस पहल के साथ महासमुंद प्रदेश के चुनिंदा नगर निकायों में शामिल हो जाएगा, जहां सरकारी सेवाएं सीधे नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचेंगी। डिजिटल नंबर प्लेट पर मकान नंबर, रोड नंबर, क्षेत्र का नाम और एक यूनिक आईडी अंकित होगी, साथ ही क्यूआर कोड भी दिया जाएगा।
एक स्कैन में 26 सेवाएं उपलब्ध
डिजिटल नंबर प्लेट पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही नागरिकों को 26 प्रकार की सेवाएं एक क्लिक पर मिल सकेंगी। इसमें संपत्ति कर, जल कर और अन्य करों का ऑनलाइन भुगतान, आय, निवास, जाति, जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा नगर पालिका की सेवाएं जैसे कचरा संग्रहण, नल कनेक्शन, नामांतरण और भवन अनुज्ञा भी अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
30 वार्डों का जीआईएस सर्वे पूरा
नगर पालिका द्वारा पहले चरण में शहर के सभी 30 वार्डों का जीआईएस सर्वे पूरा कर लिया गया है। दूसरे चरण में घर-घर डिजिटल नंबर प्लेट लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। पहले सर्वे में जिन मकानों की जानकारी अधूरी रह गई थी, उन्हें अब टीम द्वारा अपडेट किया जा रहा है।
आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा लाभ
इस योजना से पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित मकान की सटीक लोकेशन और जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और राहत कार्य तेजी से हो सकेगा।
हर घर को मिलेगी यूनिक पहचान
प्रत्येक संपत्ति को एक यूनिक डिजिटल पहचान मिलने से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी। नगर पालिका ने नागरिकों से इस महत्वाकांक्षी योजना में सहयोग करने की अपील की है, ताकि महासमुंद को जल्द ही एक स्मार्ट और डिजिटल शहर के रूप में विकसित किया जा सके।