बागबाहरा में ‘नया सवेरा’ की गूंज: पंचायतों ने शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार का खाका तैयार किया

बागबाहरा। जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित ग्राम पंचायत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण समिति की बैठक इस बार औपचारिकता से आगे बढ़कर बदलाव की ठोस रूपरेखा बन गई। जनपद पंचायत अध्यक्ष केशव नायकराम चंद्राकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरपंचों को उनके दायित्वों का बोध कराते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए रणनीति तय की गई।
रटने की परंपरा छोड़, व्यक्तित्व निर्माण पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्री चंद्राकर ने कहा कि सरपंच केवल पदाधिकारी नहीं, बल्कि गांव के अभिभावक होते हैं। उन्होंने शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि रटने की परंपरा से बाहर निकलकर बच्चों में आत्मविश्वास और कौशल का विकास किया जाए। उन्होंने शिक्षा को समाज को अंधकार से उजाले की ओर ले जाने वाला सबसे सशक्त माध्यम बताया।
‘टीम भावना’ से ही बदलेगा गांव का भविष्य
जनपद पंचायत उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार और सभापति मधुलिका चंद्राकर ने सरपंचों को टीम भावना के साथ कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर शिक्षित युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी से एक सशक्त ‘थिंक टैंक’ बनाया जाए, जो शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि आने वाले सत्र में छात्रों की नियमित उपस्थिति ही पंचायत की सफलता का मुख्य पैमाना होगी।
नशा मुक्ति से ही संभव होगा वास्तविक विकास
मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम.एस. मरावी ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया जारी है और जल्द ही राशि पंचायतों को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गांव के विकास की नींव नशा मुक्ति पर ही टिकी होती है और इसके बिना प्रगति संभव नहीं है।
जर्जर भवन हटाने और पेयजल व्यवस्था के निर्देश
बैठक में जमीनी मुद्दों पर भी गंभीरता से निर्णय लिए गए। सरपंचों को निर्देश दिया गया कि जर्जर और खतरनाक स्कूल भवनों को तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में शत-प्रतिशत पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।
समन्वय से बनेगी प्रभावी कार्ययोजना
बैठक में बीईओ केके वर्मा, बीएमओ बीएस बढ़ई, एबीईओ रामता मन्नाडे सहित बड़ी संख्या में सरपंच उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया कि पंचायतें अब केवल कागजी प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि धरातल पर अमल योग्य कार्ययोजना तैयार कर आगामी वार्षिक योजना में शामिल करेंगी। इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि पंचायतें ठान लें, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में ‘नया सवेरा’ दूर नहीं है।