देश के खातिर बलिदान हुए, चलो याद करें कुर्बानी

महासमुंद। शहीदी दिवस के पावन अवसर पर आस्था साहित्य समिति महासमुंद द्वारा अमर शहीदों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को समर्पित ‘याद करो कुर्बानी’ शीर्षक से भावपूर्ण काव्यांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन जीवन सदन, त्रिमूर्ति कॉलोनी स्थित श्रीमती एस. चंद्रसेन के निवास पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंद तिवारी पौराणिक ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में शहीदों को नमन करते हुए कहा अर्पण श्रद्धा सुमन तुम्हें, देशभक्त स्वाभिमानी, सुखदेव, भगत सिंह, राजगुरु, अमर क्रांतिवीर बलिदानी। काव्य गोष्ठी में श्रीमती सरिता तिवारी ने जीवन के यथार्थ को छूती पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं ‘फूल आज उदास है, बात कुछ खास है, जब तक उपयोगी है, तब तक खास है।’ श्रीमती एस. चंद्रसेन ने शहीदों को स्मरण करते हुए भावुक पंक्तियाँ पढ़ीं कि ‘देश के खातिर बलिदान हुए, कहें-सुनें उनकी कहानी,आज पावन पुण्यतिथि पर, चलो याद करें कुर्बानी।’ कार्यक्रम का संचालन करते हुए टेकराम सेन ‘चमक’ ने कहा ‘तेरे आंगन को किलकारियों से फिर महकाऊंगा, तू घबरा मत मां, मैं फिर आऊंगा।’ सुरेन्द्र अग्निहोत्री ‘आगी’ ने छत्तीसगढ़ी अंदाज में देशभक्ति का भाव जगाया, वहीं डॉ. साधना कसार ने कहा ‘बिन शहादत कहां मयस्सर आजादी, बिन जोश कहां फहरता तिरंगा।’ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षाविद् के.आर. चंद्राकर ने कहा कि अमर शहीद देश की आजादी के सच्चे सूत्रधार हैं और उन्हें काव्यांजलि देना अत्यंत प्रेरणादायी है। कार्यक्रम का संचालन टेकराम सेन ‘चमक’ व आभार प्रदर्शन श्रीमती एस. चंद्रसेन ने किया। आयोजन की जानकारी श्रीमती सरिता तिवारी ने दी।