राजस्व मामलों के निराकरण के लिए गांव-गांव में लगेंगे समाधान शिविर

राजस्व पखवाड़ा का प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल तक
बिलासपुर, 24 मार्च 2026/राजस्व मामलों के निराकरण के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें गांव-गांव में समाधान शिविर लगाकर किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज समय-सीमा की बैठक में इसकी समीक्षा की और कहा कि किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण मौके पर ही समाधान शिविर में किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के अनुरूप शिविर के लिए एजेण्डा जारी कर दिए हैं। उन्होंने शिविर का कोटवारों और अन्य माध्यमों से अधिक से प्रचार करने को कहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण और किसान शिविरों का फायदा उठा सकें।
राजस्व पखवाड़ा का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा। इन शिविरों में राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर विभिन्न लंबित प्रकरणों का निराकरण करेगा। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन, व्यपवर्तन एवं वृक्ष कटाई से संबंधित समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस जारी कर सुनवाई एवं निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जनहानि, फसल क्षति एवं पशु हानि से संबंधित आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों में समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा सेवा शुल्क की अद्यतन जानकारी संधारित की जाएगी। भूमिस्वामियों के खातों में आधार, मोबाइल नंबर, जेंडर एवं किसान किताब की प्रविष्टि शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करते हुए त्रुटिपूर्ण, संदेहास्पद एवं शून्य रकबा वाले खसरों का निराकरण किया जाएगा। शिविरों में बी-1, खसरा एवं किसान किताब से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। वहीं आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र हेतु प्राप्त आवेदनों का लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। शिविरों में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की दैनिक जानकारी निर्धारित प्रपत्र में संबंधित कार्यालय को प्रेषित की जाएगी।