मां दुर्गा मछुआरा सहकारी समिति ने उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज एवं परिपूरक आहार से उत्पादन में की तीन गुणा वृद्धि

मछली पालन से समिति को हो रही लाखों की आय
महासमुंद 19 मार्च 2026/ जिले के विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम कुरचुन्डी की मां दुर्गा मछुआरा सहकारी समिति मर्यादित आज ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में सफल मत्स्य व्यवसायी के रूप में उभर रहे हैं। इस समिति में कुल 52 सदस्य हैं, जिनमें 15 महिलाएं एवं 37 पुरुष शामिल हैं। लगभग 85 हेक्टेयर जल क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से निरंतर मत्स्य पालन कर यह समिति आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलतापूर्वक अग्रसर है।
समिति के सदस्य बताते है कि वे पहले खेती एवं मजदूरी पर निर्भर थे, जिससे उनकी आय सीमित थी और आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती थी। लेकिन मत्स्य पालन को अपनाने के बाद आज उनकी आय में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। जहां पहले कुल उत्पादन 7 क्विंटल और आय लगभग एक लाख 5 हजार था, वहीं अब मत्स्य विभाग के सहयोग से उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज एवं परिपूरक आहार के उपयोग से उत्पादन बढ़कर 21 क्विंटल एवं आय 3 लाख 15 हजार रुपए तक पहुंच गई है।
विभाग द्वारा समय-समय पर वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण, निरीक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत जाल, आईस बॉक्स, मत्स्य बीज, सीफेक्स तथा मोटरसाइकिल अनुदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इन संसाधनों से उत्पादन बढ़ने के साथ मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखने एवं दूरस्थ बाजारों तक पहुंचाने में भी सफलता मिली।
समिति के सदस्यों को एन.एफ.डी.पी. पोर्टल में पंजीयन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया तथा राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से नई तकनीकों से अवगत कराया गया। इससे उनके ज्ञान एवं कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। मत्स्य पालन से जुड़ने के बाद समिति के सदस्यों के जीवन स्तर में अधिक सुधार देखने को मिला है। सदस्यों में आर्थिक तंगी दूर हुई है और आय का एक हिस्सा भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में जमा किया जा रहा है। विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी ने महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। विभाग द्वारा समिति को उन्नत तकनीकों का और अधिक प्रशिक्षण देने, विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करने, सजावटी मछली पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन के क्षेत्र में विस्तार के लिए और अधिक प्रयास किए जा रहे हैं।