लक्की का विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्रिक्स में चयन

महासमुंद। ग्राम तुमाङबरी निवासी दृष्टिबाधित खिलाड़ी लक्की यादव ने यह साबित कर दिया है कि हौसलों के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। दृष्टिबाधित होने के बावजूद लक्की ने कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने अपने सपनों को अपनी ताकत बना लिया। उनके पिता कुमार यादव का सहयोग उनके संघर्ष का सबसे मजबूत आधार बना। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित संस्था फॉर्चुन फाउंडेशन के पूर्व छात्र लक्की ने एथलेटिक्स में अपना भविष्य देखा और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2020-21 में 400 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक, वर्ष 2021-22 में 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक, साल 2026 में दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्रिक्स में छत्तीसगढ़ से एकमात्र खिलाड़ी के रूप में उनका चयन हुआ। प्रतियोगिता में 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वे पदक से चूक गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 12 मार्च 2026 को 400 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर उन्होंने जिले, प्रदेश और देश का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया। आज लक्की यादव न सिर्फ एक सफल खिलाड़ी हैं, बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं—यह संदेश देते हुए कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।