स्वयंसेवकों ने श्रमदान से किया नाले की सफाई

महासमुंद। शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले सितली नाला को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहे ‘अविरल सितली, निर्मल सितली’ अभियान के तहत मंगलवार को एक प्रेरणादायक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) महासमुंद के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और नाले की सफाई के लिए श्रमदान किया। स्वयंसेवकों ने एनीकट व आसपास के क्षेत्रों में जमा कचरा, झाड़ियाँ और मलबा हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता भी फैलाई गई। समिति ने नागरिकों से अपील की कि श्मशान घाट के पीछे राख और अन्य सामग्री को सीधे नाले में प्रवाहित न करें। केवल सांकेतिक रूप से एक मुट्ठी राख बहाएं और शेष को खेतों में खाद के रूप में उपयोग करें। समिति ने बताया कि इससे न केवल नाले का प्रदूषण कम होगा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी। अभियान से जुड़े सदस्यों ने शहरवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा सितली नाला हमारी साझा धरोहर है। इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस जनअभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।