बिहान योजना का सहारा

स्व सहायता समूह से जुड़कर तुलेद्री ठाकुर बनीं आत्मनिर्भर
नारायणपुर, 13 मार्च 2026// राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर नारायणपुर जनपद पंचायत के ग्राम सलेंगा (गुरिया) की रहने वाली तुलेद्री ठाकुर ने अपने जीवन में नई दिशा पाई है। तुलेद्री ठाकुर पहले आर्थिक रूप से काफी संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। उनका परिवार मुख्य रूप से खेती पर निर्भर था, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन हो जाता था। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती था। वर्ष 2016 में “मां संतोषी स्व सहायता समूह” के गठन के बाद तुलेद्री ठाकुर समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत की आदत अपनाई और समूह के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बाद में उन्हें चकरी निधि से 15 हजार, सामुदायिक निवेश कोष से 60 हजार और बैंक लिंकेज के माध्यम से 06 लाख रुपए आर्थिक सहायता मिली। इस सहायता से तुलेद्री ठाकुर ने खेती के साथ धान से चावल बनाने के लिए राइस मिल का व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में उनके पास लगभग 3 एकड़ जमीन है, जहां वे खेती भी करती हैं और साथ ही राइस मिल का संचालन भी करती हैं। इससे उन्हें हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय होने लगी है।
तुलेद्री ठाकुर का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा। समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उन्होंने बचत, ऋण और व्यवसाय प्रबंधन के बारे में सीखा। आज वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। तुलेद्री ठाकुर की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। बिहान योजना के माध्यम से आज ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर रही हैं।