अनेक नौकरियां छोड़ी, बनना चाहता था डॉक्टर, आखिर यूपीएससी के लिए चयनित

महासमुंद। जिले के ग्राम बेलटुकरी (तुमगांव) निवासी संजय डहरिया के सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी में 940वां रैंक प्राप्त करने पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। संजय डहरिया की प्रारंभिक शिक्षा गांव की प्राथमिक शाला में हुई। बाद कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने रायपुर के नवोदय विद्यालय से की। पढ़ाई के दौरान वे 12वीं कक्षा में टॉपर भी रहे। संजय की इच्छा शुरू से डॉक्टर बनने की थी। पहली बार में उनका चयन डेंटल सीट के लिए भी हो गया था, लेकिन वे एमबीबीएस डॉक्टर बनना चाहते थे। इसी बीच कुछ लोगों की सलाह पर उन्होंने शिक्षाकर्मी की नौकरी शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई नौकरियां कीं और अपने जीवन में आगे बढ़ते रहे।
उन्होंने महासमुंद में पोस्ट मास्टर के रूप में भी कार्य किया और बाद में स्टेट बैंक आॅफ इंडिया की नौकरी भी प्राप्त की। हालांकि उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था, इसलिए उन्होंने इन नौकरियों को छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। तैयारी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी मजबूत इच्छाशक्ति, धैर्य और निरंतर कठिन परिश्रम के बल पर अंतत: उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। बताया जाता है कि संजय डहरिया ने रायपुर के सेंट्रल लाइब्रेरी में रहकर कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की। उनकी इस उपलब्धि से पूरे महासमुंद जिले में हर्र्ष का माहौल है।