शिक्षा मंत्री को ‘महिमा रिलिजन एंड महिमा ट्रेल’ पुस्तक भेंट
महासमुंद। पंजाब नेशनल के पूर्व महाप्रबंधक एवं पूर्व सर्किल हेड (रायपुर सर्किल) बिष्णु मोहन पांडा द्वारा रचित नवीन पुस्तक ‘महिमा रिलिजन एंड महिमा ट्रेल’ को भारत सरकार के शिक्षा मंत्री एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भेंट की गई।
इस अवसर पर पुस्तक की विषय वस्तु पर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। यह पुस्तक महिमा धर्म की उत्पत्ति, उसके दार्शनिक आधार एवं सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालती है। विशेष रूप से इसमें ओडिसा राज्य में स्थित महिमा आश्रमों/तुंगियों का संक्षिप्त किंतु तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। महिमा धर्म का उद्भव ओडिशा से हुआ तथा समय के साथ यह अन्य राज्यों तक विस्तारित हुआ। महिमा धर्म जाति-प्रथा, मूर्ति-पूजा एवं कर्मकांड का विरोध करते हुए मानव कल्याण को सर्वोपरि मानता है। इसका मूल सिद्धांत ‘स्वार्थ से ऊपर मानवता’ है, जो भारतीय आध्यात्मिक चिंतन को एक विशिष्ट दिशा प्रदान करता है। यह धर्म सामाजिक न्याय, समानता एवं समरस विश्व व्यवस्था के निर्माण के लिए सतत कार्यरत है। महिमा धर्म का मुख्यालय जोरण्डा, जिला ढेंकनाल में स्थित है। ओडिशा एवं आसपास के राज्यों में इस धर्म से संबंधित 2500 से अधिक आश्रम/तुंगियाँ स्थापित हैं, जो आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक समरसता के केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं।
