सीईओ ने गोटाटोला, मोहभट्टा व शेरपार में विकास कार्यों का किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छता और जल संरक्षण कार्यों की प्रगति पर जिला पंचायत सीईओ ने ली समीक्षा
मोहला 21 फरवरी 2026। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती श्रीमती भारती चंद्राकर ने ग्राम पंचायत गोटाटोला, मोहभट्टा एवं शेरपार में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा तथा शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्रियान्वयन का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान महतारी सदन निर्माण, आजीविका डबरी निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन आवास, स्वच्छता संबंधी कार्य तथा आंगनबाड़ी भवन निर्माण की प्रगति का अवलोकन किया गया। सीईओ ने स्थानीय अमले द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सीधी चर्चा करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, अतः किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। साथ ही प्रगतिरत आवासों में नियमानुसार 90 दिवस की मनरेगा मजदूरी का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। आजीविका डबरी निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान तकनीकी मानकों एवं आवश्यक अभिसरण (कन्वर्जेंस) के तहत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि संरचनाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता बनी रहे। निर्माण स्थलों पर लगाए जाने वाले सूचना पटल में संबंधित महिला स्व-सहायता समूह की दीदी का नाम, लोकोस आईडी एवं क्लर्ट जोन का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से करने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत संचालित कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। शौचालय निर्माण, उपयोग एवं स्वच्छता की स्थिति का निरीक्षण कर अपूर्ण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने और निर्मित शौचालयों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों को प्राथमिकता से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान वर्षा जल संरक्षण एवं जल संचय को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा गया कि जल संरक्षण संरचनाओं का प्रभावी निर्माण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों से जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई तथा ग्राम स्तर पर जल संचय संरचनाओं की नियमित निगरानी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहायक, सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
