फर्जी दस्तावेज से 4 लाख की खैर लकड़ियों की तस्करी करते 4 गिरफ्तार

महासमुंद। कोमाखान पुलिस ने नेशनल हाईवे 353 पर ग्राम भिलाई दादर के पास एक अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्कर गिरोह को दबोचा है। शातिर तस्कर फर्जी सील-चिन्ह और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए कीमती खैर लकड़ी की खेप पार कराने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी एक न चली।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नेशनल हाईवे 353 पर नाकाबंदी कर वाहन की चैकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध आयशर ट्रक क्रमांक यूपी 65 आईटी 6829 को रोका । तलाशी लेने पर ट्रक में भारी मात्रा में खैर की लकड़ी भरी मिली। जब दस्तावेज मांगे गए तो आरोपियों ने फर्जी सील लगे कागजात पेश किए। कड़ाई से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह वन विभाग और पुलिस को गुमराह करने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना मिर्जापुर उत्तरप्रदेश निवासी हरे राम गुप्ता (36 ), नवागढ़ बेमेतरा निवासी अनिल साहू (20 ), बेमेतरा निवासी दीपक जाट तथा रायपुर निवासी नितिन शर्मा को गिरफ्तार किया है।
मौके से लगभग 10 टन खैर लकड़ी जब्त की गई है, जिसकी बाजार में कीमत 4 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त 15 लाख रुपये कीमत का आयशर ट्रक और गिरोह की मदद के लिए साथ चल रही कार क्रमांक सीजी 22 जी 2788 (कीमत लगभग 3 लाख रुपये) भी जब्त की गई है। आरोपियों से 5 मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, ताकि तस्करी के स्रोत और अन्य सहयोगियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं सहित बीएनएस की धारा 336, 338(3), 340(2), 3(5) के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।