जिले में माओवाद समाप्ति की ओर, विकास कार्यों में आएगी तेजी : किरण नरेटी

दुर्गूकोंदल से कोयलीबेड़ा को जोड़ने तीन उच्च स्तरीय पुलों की स्वीकृति
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 फरवरी 2026/ जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड अंतर्गत अंदरूनी क्षेत्र के माओवादी प्रभावित ग्राम मेड़ो में आज जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न मांगों एवं शिकायतों से संबंधित 58 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके त्वरित एवं विधिवत निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, प्रशिक्षु आईपीएस प्रतीक बनसोडे, सहित जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी ने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं खुलकर रखने का आग्रह करते हुए आश्वस्त किया कि जिला स्तर के सभी अधिकारी शिविर में मौजूद हैं, आप अपने गांव की, स्वयं से संबंधित और क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराएं, जिनका नियमानुसार निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कभी माओवाद प्रभावित रहा है, जिससे विकास कार्य अवरूद्ध हुए हैं, लेकिन अब माओवाद समाप्ति की ओर है, इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जनसमस्या निवारण शिविर में लोगों की समस्याओं का निराकरण करते हुए बताया कि दुर्गूकोंदल से कोयलीबेड़ा मार्ग में तीन उच्च स्तरीय पुलों की स्वीकृति दी गई है, जिसके निर्माण पूर्ण होने के बाद बारिश के दिनों में भी यातायात सुगम होगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की कतरू-क़ुरूसबोड़ी से कठोड़ी मार्ग में दो उच्चस्तरीय पुलों के लिए क्रमशः 540 लाख, 365 लाख और जिरमतराई से कड़मे मार्ग में उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए 760 लाख रूपए की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसक निर्माण कार्य बारिश से पहले प्रारम्भ हो जायेगा। इन पुलों के बन जाने के बाद दुर्गूकोंदल से कोयलीबेड़ा तक वर्षा ऋतु में भी सुगम एवं सुरक्षित आवागमन संभव हो सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास से बाधित रहा, किन्तु अब सड़क, पुल-पुलिया एवं भवन निर्माण सहित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। दुर्गूकोंदल विकासखंड को शिक्षा के क्षेत्र में जागरूक विकासखण्ड बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के दुरस्थ स्कूलों में भी परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहें हैं, जिसे बनाया रखा जाए, विद्यार्थी के साथ पालक भी शिक्षा के प्रति सजग हैं। उन्होंने बताया कि दुर्गूकोंदल को “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जार रही है। क्षेत्र में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए हुए उन्होंने कहा कि सरगार द्वारा कांकेर जिले के लिए 88 नए बीएसएनएल मोबाइल टावरों की स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों में भी संचार एवं कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को एजेंसी बनाई जा रही है तथा राशि भी ग्राम पंचायत के खाते में हस्तांतरित की जाती है। ऐसे कार्यों में ठेकेदार नियुक्त नहीं किए जाते, इसलिए बिना किसी बहकावे में आकर अपने गांव के निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करें। यह कार्य आप के गांव के लिए ही स्वीकृत किया गया है।
शिविर को जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जो हितग्राही किसी कारणवश योजनाओं से वंचित हैं, वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल समाधान प्राप्त करें और योजना का लाभ उठाए। जनसमस्या निवारण शिविर में 05 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को मनरेगा अंतर्गत क्यूआर कोड का प्रारूप वितरित किया गया तथा वीबीजीआरएएम पोर्टल की जानकारी भी प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पूर्ण हो चुके 02 हितग्राही श्रीमती सरिता सिन्हा और श्रीमती मिनाबाई पिद्दा को आवासों की चाबी सौंपी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 03 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 03 माताओं की गोदभराई रस्म भी संपन्न कराई गई। जन समस्या निवारण शिविर को जिला पंचायत कांकेर के सदस्य देवलाल नरेटी व देवेंद्र टेकाम, जनपद सदस्य श्रीमती हेमलता उईके और ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती रमशीला कोमरा नें भी संबोधित किया। कार्यक्रम में एसडीएम भानुप्रतापपुर जीडी वाहिले, जनपद पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।