शुभ मुहूर्तों के साथ बाजारों में लौटी रौनक
फरवरी से मई तक 37 वैवाहिक मुहूर्त, व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई गति
महासमुंद। जनवरी माह में खरमास समाप्त होने के बाद अब विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों का शुभ दौर शुरू होने जा रहा है। गुरुवार 5 फरवरी से शहनाइयों की मधुर धुन सुनाई देने लगी है और शहर के बाजारों में एक बार फिर रौनक लौट आई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वर्ष 2026 विवाह, गृह प्रवेश तथा अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है।
पंडितों का कहना है कि इस वर्ष वैवाहिक मुहूर्तों की भरमार है और फरवरी से लेकर दिसंबर तक शादियों का लंबा सिलसिला चलेगा। शादी-ब्याह के इस सीजन का असर जिले के व्यापार पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख बाजार गांधी चौक, स्टेशन रोड और बीटीआई रोड स्थित कपड़ा दुकानों, ज्वेलरी शोरूम, बर्तन बाजार और सजावट से जुड़े प्रतिष्ठानों में खरीददारी तेज हो गई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि बीते कुछ महीनों की सुस्ती के बाद अब बाजार पूरी तरह गुलजार होगा और बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
टेंट हाउस, कैटरिंग सर्विस, बैंड-बाजे और फूल सज्जा से जुड़े व्यवसायियों ने भी अभी से बुकिंग लेना शुरू कर दिया है। शादी का सीजन केवल बड़े व्यापारियों के लिए ही नहीं, बल्कि छोटे दुकानदारों, ठेला-खोमचा संचालकों, ऑटो चालकों, ब्यूटी पार्लर संचालकों और बैंड-बाजे वालों के लिए भी रोजगार का बड़ा माध्यम बनता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष विवाह के साथ-साथ गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और उपनयन संस्कार के लिए भी कई श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध हैं।
विवाह के कुल 37 शुभ मुहूर्त
बीते वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में विवाह मुहूर्त समाप्त हो जाने और जनवरी में खरमास के कारण लगभग सवा माह तक मांगलिक कार्यों पर विराम लगा रहा। अब फरवरी से मई तक विवाह के कुल 37 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। इसके बाद 17 मई से 15 जून तक अधिवास के कारण मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। जून के अंत और जुलाई की शुरूआत में कुछ सीमित मुहूर्त रहेंगे, जबकि चातुर्मास (अगस्त, सितंबर और अक्टूबर) के दौरान भगवान विष्णु के शयनकाल में विवाह नहीं होंगे। नवंबर और दिसंबर में एक बार फिर विवाह का शुभ समय शुरू होगा।
विवाह मुहूर्त (2026):
फरवरी: 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26
मार्च: 1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29
मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14, 17
