सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान का प्रदेशव्यापी शुभारंभ कुपोषण एवं एनीमिया उन्मूलन हेतु राज्य शासन की दृढ़ संकल्पित पहल

बीजापुर 02 जनवरी 2026- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में कुपोषण की दर में उल्लेखनीय कमी लाने तथा एनीमिया से ग्रसित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समुचित पोषण उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान” का शुभारंभ दिनांक 01 जनवरी 2026 से किया गया है। यह अभियान बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, सुकमा, जशपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर में एक साथ प्रारंभ किया गया जिससे व्यापक स्तर पर जनहितकारी प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान की प्रमुख उद्देश्य एवं अपेक्षित उपलब्धियां- अभियान के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा निम्नलिखित प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं- निर्धारित 6 माह की अवधि में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में रक्ताल्पता (एनीमिया) की स्थिति में प्रभावी कमी लाना। SAM, MAM श्रेणी के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाते हुए उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाना।
बाल स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण सुदृढ़ीकरण की दिशा में ठोस और परिणामोन्मुख कार्यवाही सुनिश्चित करना। अभियान की सफलता हेतु सुपोषण दूतों, स्व-सहायता समूहों, समुदाय तथा जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना। अभियान के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पोषण आहार वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श सेवाएँ नियमित फॉलोअप तथा सतत् मॉनिटरिंग की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है।
बीजापुर जिले में सुयोजित क्रियान्वयन- बीजापुर जिले में नैमेड़ व भैरमगढ़ में अभियान का औपचारिक रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम सरपंचों एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थित में अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संकल्प व्यक्त किया गया।
राज्य शासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान प्रदेश में कुपोषण एवं एनीमिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा जिससे महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।