जिले में लोकप्रिय हो रही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से याजवेन्द्र कटरे के घर में आया उजाला
राजनांदगांव 29 दिसम्बर 2025। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से घर आंगन में उजाला आया है। सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन की इस तकनीक से न केवल विद्युत की बचत हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण मित्र भी है। सरकार की यह योजना विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है। इस योजना के फायदे से जनमानस में लोकप्रिय हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राजनांदगांव में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत याजवेन्द्र कटरे ने अपने निवास जीवन कालोनी राजनांदगांव में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत भारत सरकार द्वारा 78000 रूपए एवं राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए का अनुदान मिला है। सोलर संयंत्र लगने से उन्हें सतत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। जिससे न केवल मासिक बिजली बिल में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लाभदायक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।
