नन्ही मन्नत ने पायी नई जिंदगी,सही समय पर उपचार से हृदय रोग से मिली निजात

स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम के तत्परता से हुआ बच्ची का सफल इलाज
दंतेवाड़ा, 23 दिसंबर 2025। मुख्यालय के ग्राम कटियाररास, वार्ड क्रमांक 3 की नन्ही बच्ची मन्नत तर्मा आज स्वस्थ, मुस्कुराती और सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी है। अपनी नन्ही बच्ची के बीमारी के तनाव से झेल चुकी श्रीमती देवी तर्मा इस संबंध बताती है कि दुर्भाग्य से नन्ही मन्नत जन्म से ही वह जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी, और महज 1 वर्ष 3 माह की उम्र में ही मन्नत ने इस गंभीर बीमारी और पीड़ा का सामना किया, वह किसी भी परिवार के लिए अत्यंत कठिन परीक्षा थी। लेकिन शुरुआती दौर में हम दोनों मॉ-बाप इस बीमारी की पहचान नहीं सके।
गंभीर होती स्थिति और समय पर पहचान
विगत अगस्त माह 2025 से ही मन्नत की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ होने के साथ-साथ वह बार-बार बीमार पड़ने लगी और इस तरह उसकी मासूम हंसी धीरे-धीरे दर्द में बदल रही थी। श्रीमती देवी तर्मा आगे बताती है कि यह समय उनके परिवार के लिए बेहद चिंता और भय से भरा था। इसी दौरान जिला चिकित्सालय में बच्ची के भर्ती के दौरान चिरायु टीम ‘ए’ ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए मन्नत की गंभीर स्थिति को पहचाना और तत्काल उपचार की प्रक्रिया शुरू की।
रायपुर में हुआ सफल हृदय ऑपरेशन
26 नवंबर 2025 को चिरायु टीम ‘ए’ के सहयोग से मन्नत को रायपुर ले जाया गया। और 27 नवंबर 2025 को वेंकटेश हॉस्पिटल, रायपुर में उसे भर्ती कराया जाकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में आवश्यक जांच एवं उपचार की प्रारंभिक प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस दौरान 28 नवंबर 2025 को मन्नत का सफल हृदय ऑपरेशन किया गया, जिसने उसके जीवन को नई दिशा दे दी। यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मन्नत के लिए एक नया सवेरा लेकर आया।
इलाज के बाद नई उम्मीद
सतत निगरानी और समुचित देखभाल के बाद 2 दिसंबर 2025 को मन्नत को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 10 दिसंबर 2025 को हुए फॉलोअप में डॉक्टरों ने उसकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार पाया। आज मन्नत पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह हँसती-खेलती नजर आती है। उसके चेहरे पर लौटी मुस्कान पूरे परिवार के लिए सबसे बड़ी खुशी है। मन्नत का यह संपूर्ण इलाज और हृदय ऑपरेशन राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया गया। यह न केवल सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि सही समय पर सही सहायता मिलने से रोगों का उपचार संभव है। नन्ही मन्नत की कहानी समय पर पहचान, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक सहयोग और चिकित्सकीय विशेषज्ञता की शक्ति को उजागर करती है। आज मन्नत सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आशा, विश्वास और प्रेरणा की प्रतीक बन चुकी है। उसकी मुस्कान यह संदेश देती है कि सही प्रयास और संवेदनशीलता से हर बच्चे को स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है।