वाहन पंजीकरण एवं उपयुक्तता प्रमाण-पत्र नवीनीकरण अनिवार्य
दंतेवाड़ा, 23 दिसंबर 2025। कार्यालय जिला परिवहन अधिकारी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रत्येक वाहन स्वामी को अपने स्वामित्व में पंजीकृत वाहन का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र एवं उपयुक्तता प्रमाण-पत्र की वैधता समाप्त होने पर उसका नियमानुसार नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 45 एवं 56 तथा केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 52 एवं 62 में इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।
प्रमाण-पत्र की अवधि समाप्त होने के पश्चात वाहन का उपयोग पूर्णतः वर्जित है। यदि वाहन स्वामी अपने वाहन का निरंतर उपयोग करना चाहते हैं, तो केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 62(1) एवं नियम 52(1) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 के अनुसार उपयुक्तता प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण हेतु प्ररूप-22 तथा रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण हेतु प्रारूप-25 में, नियम 81 में विनिर्दिष्ट शुल्क सहित आवेदन पंजीयन प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में यह माना जाएगा कि वाहन ऐसी अवस्था में है, जिसमें उसका सार्वजनिक स्थान पर उपयोग संभव नहीं है। वाहन के अनुपयोगी होने, सार्वजनिक स्थान पर उसके उपयोग से खतरा उत्पन्न होने अथवा मोटरयान अधिनियम एवं नियमों के अधीन अपेक्षित मानकों की पूर्ति नहीं होने की दशा में मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 53(1) एवं धारा 55 के तहत रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के निलंबन अथवा रद्दीकरण की कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए वाहन स्वामी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
