जंगल में कब्जा करते और सियार का शिकार करने वाले 5 गिरफ्तार

महासमुंद। वन अमला ने शनिवार को गश्त के दौरान वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत कक्ष क्रमांक 206, सोहागपुर बीट में वृक्षों की अवैध कटाई, वन अधिकार मान्यता अधिनियम अंतर्गत प्राप्त पट्टाशुदा भूमि में नया अतिक्रमण, जंगल के भीतर डबरी में मछली जाल डालने तथा विद्युत तार प्रवाहित करने जैसी गंभीर अवैध गतिविधियाँ पाईं। मौके से तीन आरोपियों रामाधीन गोंड़, ढोमसिंह, संतोष को गिरफ्तार किया गया। इनके विरुद्ध वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 51 सहपठित धारा 9 एवं 2(16), भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 तथा लोकसंपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उक्त कार्रवाई उप वनमण्डलाधिकारी पिथौरा डिम्पी बैस, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा सालिकराम डड़सेना, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी बुंदेली छबिराम साहू, परिसर रक्षी सोहागपुर एवं सुरक्षा श्रमिकों ने की।
इसी तरह सांकरा परिक्षेत्र के बड़े टेमरी क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 258 में सियार का फंदा लगाकर शिकार कर ले जाते हुए आरोपी फागूलाल एवं कुमार पारधी को पकड़ा। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 51 सहपठित धारा 9 एवं 2(16) के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सांकरा राजकुमार साहू, परिसर रक्षी सांकरा दीपक जेन्ड्रे एवं सुरक्षा श्रमिकों द्वारा की गई। गश्त के दौरान ही बागबाहरा परिक्षेत्र अंतर्गत जुनवानी बीट के कक्ष क्रमांक 128, संरक्षित वन से संलग्न राजस्व क्षेत्र में चेतन बरिहा के खेत में वन्यप्राणी नील गाय का एक शावक पाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत शावक को उसके प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। वनमण्डलाधिकारी मयंक पाण्डेय ने बताया कि वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के लिए इस तरह सघन गश्त आगे भी निरंतर जारी रहेगी तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।