नेशनल हाईवे 353 पर तेज रफ्तार और अंधेरे से बढ़ा खतरा : हुलसी
महासमुंद। जनपद उपाध्यक्ष हुलसी जितेंद्र चंद्राकर ने राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर खरोरा से घोड़ारी के बीच व्याप्त खतरों को उजागर करते हुए सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने की मांग की है। उपाध्यक्ष चंद्राकर ने बताया कि इस मार्ग पर वाहनों की अत्यधिक तेज रफ्तार दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन चुकी है।
उन्होंने 11 दिसंबर को हुई एक घटना का उल्लेख किया, जब प्रात: 9:30 बजे डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा का काफिला रायपुर से महासमुंद आ रहा था, उसी समय एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में गौवंश आ गया और सड़क किनारे चल रहे लोग भी बड़ी दुर्घटना से बाल-बाल बच गए। यह घटना इस मार्ग पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंधन की कमी को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। तेज रफ्तार के साथ-साथ मार्ग पर रात के समय गहरा अंधेरा भी दुर्घटनाओं के खतरे को बढ़ा रहा है। उपाध्यक्ष ने शिकायत की कि एनएच से लगे कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगातार बंद रहती हैं, और कई खराब हो चुकी हैं। सड़क किनारे लगे पेड़ों की बढ़ी हुई डालियां (जंगलिंग) स्ट्रीट लाइट की रोशनी को ढक देती हैं, जिससे वाहनों को रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। इन परिस्थितियों के कारण रात के समय दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। हुलसी ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने और सुरक्षा व्यवस्था के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा। जिनमें स्ट्रीट लाइटों की सुधार, बंद और खराब स्ट्रीट लाइटों को तुरंत चालू कराने और पेड़ों की डालियों की छंटाई कराने, ताकि रोशनी सड़क पर साफ दिख सके। तेज गति रोकने के लिए तत्काल स्पीड साइनेज, स्पीड ब्रेकर तथा चेतावनी बोर्ड, मार्ग पर नियमित पेट्रोलिंग तथा स्पीड गन से चेकिंग की व्यवस्था, ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई, सड़क सुरक्षा से संबंधित आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास आदि मांगों को कलेक्टर को पत्र लिखा।
