नेशनल लोक अदालत में 63,247 मामलों का निराकरण, 8 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित

27 खण्डपीठों के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण
महासमुंद। नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव श्रीमती आफरीन बानो ने बताया कि जिला न्यायालय महासमुंद एवं तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित सिविल, श्रम न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों सहित 27 खण्डपीठों का गठन कर नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला न्यायालय परिसर में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक कोर्ट) श्रीमती मोनिका जायसवाल, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आनंद बोरकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल शर्मा, खंडपीठों के अन्य पीठासीन अधिकारीगण, खंडपीठों के लिए नियुक्त सुलहकर्ता सदस्यगण, अधिवक्तागण, बैकर्स व विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकों के बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि. की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत बकाया अथवा विद्युत चोरी के मामले तथा सिविल मामले भी नियत किए गए थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया।
इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन संबंधित मामलों में बैंक रिकवरी के 3 हजार 837 प्रकरणों में 18 लाख 572 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार विद्युत के 12 हजार 289 प्रकरणों में 70 लाख 62 हजार 005 रूपए, श्रम प्रकरण के 17 मामलों में 15 लाख 70 हजार 700 रूपए, एमएसीटी के 39 प्रकरण में. 3 करोड़ 87 लाख 15 हजार रूपए, एनआई एक्ट-138 के 36 प्रकरणों में एक करोड़ 19 लाख 10 हजार 825 रूपए तथा 32 अन्य सिविल प्रकरणों का निराकरण कर एक करोड़ 85 लाख 19 हजार 273 रूपए अवार्ड पारित किया गया। जिले के सभी तहसील एवं अनुभाग क्षेत्रों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 43 हजार 584 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में सुलह एवं समझौता के आधार पर विभिन्न खंडपीडों के माध्यम से कुल 63 हजार 247 प्रकरणों का निराकरण किया गया और उनमें 08 करोड़ 05 लाख 76 हजार 975 रूपए की राशि के अवार्ड पारित किए गए।
पौधे भेंट कर पीठासीन अधिकारियों ने दिए हरियाली का संदेश
वर्ष 2025 के अंतिम एवं चतुर्थ नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकरणों में उपस्थित पक्षकारों को जिला न्यायालय में स्थापित सभी खंडपीठों के पीठासीन अधिकारियों ने न्यायालय में पक्षकारों को हरियाली का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के फलदार व छायादार पौधे वितरित किए।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के प्रकरणों में अवार्ड पारित
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं खंडपीठ क्रमांक-एक की पीठासीन अधिकारी श्रीमती अनिता डहरिया के समक्ष मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष लंबित सात प्रकरणों का निराकरण करते हुए पांच मृतकों के वारिसानों एवं दो आहतगणों के लिए कुल 85 लाख 30 हजार रूपए का अवार्ड पारित किया गया। पीठासीन अधिकारी की समझाईश के बाद प्रकरणों का आपसी सुलाह एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया गया।