ढाबे में खाने से तीन की तबीयत बिगड़ी, एक मृत

महासमुंद। ग्राम भूकेल के बिहार यूपी ड्राइवर ढाबा में मलाई रोटी खाने से 3 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा है। मृतक व बीमार लोगों के परिजनों की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि विभाग ने उक्त ढाबा के खाने का सैंपल जांच के लिए लैब भेजा है। जांच के बाद आगे की कारवाई की जाएगी।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन को लिखित शिकायत में कहा कि विगत 28 अगस्त को राष्ट्रीय राजमार्ग 53 फोर लाइन किनारे ग्राम भूकेल के बिहार यूपी ड्राइवर ढाबा में उनके परिवार के सदस्य कन्हैया चौधरी और उनके 6 साथियों ने इस ढाबे में भोजन किया। उन्होंने मलाई रोटी खाई। अगली सुबह 29 अगस्त को मलाई रोटी खाने वाले कन्हैया चौधरी, भुवन प्रसाद पटेल और दिनेश सिदार उल्टी दस्त, बुखार और पेट दर्द से ग्रसित हो गए। भुवन प्रसाद और दिनेश सिदार इलाज के बाद ठीक हो गए लेकिन कन्हैया चौधरी की तबीयत ठीक नहीं हो सकी। उन्हें सरायपाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। करीब 11-12 दिनों के इलाज के बाद 15 सितंबर को कन्हैया चौधरी की मौत हो गई। डॉक्टरों ने इस मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया है। मृतक परिवार के नरसिंह नायक ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग से यह मौत हुई है। हमने जिला प्रशासन से इस केस में जांच की मांग की है। पीड़ित परिवार ने 17 सितंबर को जिला प्रशासन से इस घटना की शिकायत की है। बाद खाद्य एवं औषधि विभाग ने 18 सितंबर को उक्त ढाबा पहुंच कर खाने का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। ढाबा संचालक शंभू सिंह ने कहा कि यह ढाबा 2012 से ग्राम जगत के पास फिर फोर लाइन निर्माण के बाद 2015 से यानी 10 साल से ग्राम भूकेल में संचालित है। यहां रोज सौ-डेढ़ सौ ड्राइवर खाना खाते हैं। इन 13 सालों में कोई शिकायत नहीं आई। 28 तारीख के खाने की फूड पॉइजनिंग की शिकायत आज तक किसी ड्राइवर ने नहीं की है। जिन 6 लोगों ने यहां खाना खाकर बीमार होने की शिकायत की है। वे हमारे यहां खाना खाए या नहीं खाए हैं यह भी मुझे जानकारी नहीं है। मुझे 17 तारीख को एक व्यक्ति ने आकर बताया तब पता चला।