नवरात्रि में इस बार बस्तरिहा आर्ट से सजेंगे पंड़ाल

खास खदर से निर्मित किया जा रहा पंडाल
महासमुंद। गणेश उत्सव के बाद से ही शहर सहित अंचल में अब शक्ति की आराधना की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही है। सार्वजनिक पंडालों की साज सज्जा शुरू हो गयी है वहीं माता की प्रतिमाओं को मूर्तिकार तैयार करने में दिन रात एक कर रहे हैं। शहर में हमेशा से ही बस स्टैंड व अंबेडकर चौक स्थित पंडाल और उसमें विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा और अन्य झांकियां मुख्य आकर्षण का केन्द्र होती हैं। यहाँ शहर सहित आस-पास के क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हंै।
इस बार बस स्टैंड दुर्गा पूजन समिति द्वारा उत्सव को लेकर खास तैयारियां की जा रही है। लगभग 16 लाख रुपए से निर्मित पंडाल को बस्तरिहा आर्ट खास खदर से निर्मित किया जा रहा है। जिसमें बस्तर की विभिन्न कलाकृतियां और संस्कृति दर्शाई जाएगी। जबकि, भीतर झांकी होगी। माता दुर्गा की बैठी हुई मुद्रा में 13 फीट की प्रतिमा विराजित होंगी। अंजोरा थनौद के कलाकरों द्वारा प्रतिमाएं बनाई जा रही है। उत्सव का आकर्षण माता द्वारा भस्मासुर राक्षस का वध करती चलित झांकी होगी। जबकि, एक ओर हनुमान जी की चलित झांकी में वे चक्कर काटते हुए चुटकी बजाती मुद्रा में राम नाम का जाप करते दिखाई देंगे। वहीं अंबेडकर चौक स्थित समिति द्वारा वाराणसी गंगा आरती की तर्ज पर झांकी तैयार की जा रही है। इस झांकी में वाराणसी के गंगाघाट तैयार किया जा रहा है, जहां गंगा आरती होती दिखाई देगी।
बस स्टैंड दुर्गा उत्सव आयोजन समिति के सदस्य एवं पार्षद भाऊराम साहू ने बताया कि पिछले कुछ सालों से चलित झांकी का क्रम रूका हुआ था। शहरवासियों को कुछ नया दिखाने तथा नवरात्र उत्सव को यादगार बनाने कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि माँ जगदम्बा के दर्शन पूर्व पंडाल के प्रवेश द्वार पर अहिंसा द्वार पर श्री जगन्नाथ, सुभद्रा और बहन सुभद्रा के पहले दर्शन बलभद्र के होंगे। पश्चात भक्तगण अंदर प्रवेश कर माता रानी का दर्शन करेंगे।